EL7.AI पर प्रदान की गई जानकारी केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और यह वित्तीय सलाह नहीं है।
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मुफ्त अकाउंट बनाएंएक्टिविस्ट शॉर्ट-सेलर मॉर्फियस रिसर्च (Morpheus Research) ने मेकमायट्रिप (MMYT) को निशाना बनाते हुए एक तीखी रिपोर्ट जारी की है, जिसमें लगातार प्रतिस्पर्धा-विरोधी व्यवहार का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट का दावा है कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के 2022 के फैसले और जुर्माने के बावजूद कंपनी मूल्य समानता (price parity) समझौतों को लागू करना जारी रखे हुए है। इसके अलावा, मॉर्फियस रिसर्च ने मेकमायट्रिप पर लेखांकन अनियमितताओं और अपने वास्तविक प्रदर्शन को छिपाने के लिए भ्रामक वित्तीय मेट्रिक्स के उपयोग का आरोप लगाया है। शॉर्ट-सेलर ने एक अघोषित CCI जांच की ओर भी इशारा किया, जिसके कथित तौर पर 2026 की शुरुआत में समाप्त होने की उम्मीद है। ये आरोप नियामक अनुपालन और कंपनी की वित्तीय रिपोर्टिंग की अखंडता के संबंध में महत्वपूर्ण चिंताएं पैदा करते हैं। ऐसी रिपोर्टें आमतौर पर शेयर की कीमतों पर गिरावट का दबाव डालती हैं क्योंकि निवेशक आगे की नियामक जांच और संभावित कानूनी परिणामों के जोखिमों का आकलन करते हैं।