EL7.AI पर प्रदान की गई जानकारी केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और यह वित्तीय सलाह नहीं है।
फेडरल रिजर्व ने 2008 के वित्तीय संकट के बाद प्रमुख अमेरिकी बैंकों के लिए स्थापित पूंजी आवश्यकताओं में महत्वपूर्ण ढील देने का प्रस्ताव दिया है। इस नियामक बदलाव का उद्देश्य बैंकों द्वारा दिए जाने वाले ऋण को बढ़ावा देना और संभावित जोखिमों के विरुद्ध संस्थानों द्वारा रखी जाने वाली पूंजी की मात्रा को कम करके आर्थिक गतिविधि का समर्थन करना है। नए प्रस्ताव के तहत, जेपी मॉर्गन चेस (JPMorgan Chase) की पूंजी आवश्यकताओं में लगभग 4.8% की गिरावट आने की उम्मीद है। सबसे बड़े संस्थानों के अलावा, विकल्प विश्लेषण (options analysis) से पता चलता है कि पीएनसी फाइनेंशियल सर्विसेज ग्रुप (PNC) भी नियामक दबाव कम होने के कारण राहत रैली (relief rally) के लिए तैयार है। आवश्यक भंडार में कमी आमतौर पर वित्तीय संस्थानों को लाभांश और शेयर बायबैक के माध्यम से शेयरधारकों को अधिक पूंजी वापस करने में सक्षम बनाती है। हालांकि इस कदम को बैंकिंग क्षेत्र के लिए एक जीत के रूप में देखा जा रहा है, फेड का कहना है कि वह नियामक राहत और समग्र वित्तीय प्रणाली की स्थिरता की आवश्यकता के बीच संतुलन बना रहा है। बाजार विश्लेषक इस घटनाक्रम को प्रमुख बैंकिंग शेयरों और XLF तथा KBE जैसे संबंधित एक्सचेंज-ट्रेडेड फंडों (ETFs) के लिए एक तेजी (bullish) के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
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