EL7.AI पर प्रदान की गई जानकारी केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और यह वित्तीय सलाह नहीं है।
12 मार्च, 2020 को हुए "ब्लैक थर्सडे" घटना का एक पूर्वव्यापी विश्लेषण मेकरडीएओ की परिसमापन (liquidation) प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण प्रणालीगत भेद्यता (systemic vulnerability) को उजागर करता है। बाजार में अत्यधिक गिरावट के दौरान, एक स्वचालित बॉट ने शून्य लागत पर $8.32 मिलियन मूल्य का एथेरियम (ETH) हासिल करने में कामयाबी हासिल की। इस घटना को दुर्भावनापूर्ण हैक के रूप में नहीं, बल्कि उच्च अस्थिरता और नेटवर्क भीड़भाड़ की स्थितियों में प्रोटोकॉल की नीलामी तंत्र की विफलता के रूप में वर्गीकृत किया गया था। बॉट ने 40 मिनट की एक ऐसी अवधि का फायदा उठाया, जहाँ एथेरियम नेटवर्क में देरी के कारण प्रतिस्पर्धी बोलियाँ परिसमापन नीलामी में प्रवेश नहीं कर पाईं। प्रतिस्पर्धा की इस कमी ने "शून्य-बोली" लेनदेन को संसाधित होने दिया, जिसके परिणामस्वरूप प्रोटोकॉल के संपार्श्विक प्रदाताओं (collateral providers) को पर्याप्त पूंजीगत नुकसान हुआ। यह घटना डीफाई (DeFi) इतिहास में एक ऐतिहासिक मामला बनी हुई है, जो स्वचालित परिसमापन मॉडल के जोखिमों को उजागर करती है और मेकरडीएओ पारिस्थितिकी तंत्र में बड़े संरचनात्मक उन्नयन (structural upgrades) को मजबूर करती है।
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