EL7.AI पर प्रदान की गई जानकारी केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और यह वित्तीय सलाह नहीं है।
OCCRP की एक खोजी रिपोर्ट के बाद अदानी समूह नए सिरे से जांच के दायरे में आ गया है, जिसमें परिवार से जुड़े 3 अरब डॉलर के गुप्त ऑफशोर निवेश का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में दो दीर्घकालिक सहयोगियों, नासर अली शाबान अहली और चांग चुंग-लिंग को समूह की कंपनियों में इन अघोषित हिस्सेदारी के प्राथमिक धारकों के रूप में पहचाना गया है। स्विस बैंक REYL से लीक हुए दस्तावेजों से संकेत मिलता है कि ये होल्डिंग्स 2023 तक दुबई स्थित खातों के माध्यम से सक्रिय रहीं। ये निष्कर्ष सार्वजनिक शेयरधारिता सीमाओं और शेयर की कीमतों में कृत्रिम वृद्धि से संबंधित भारतीय नियमों के संभावित उल्लंघन का संकेत देते हैं। ये खुलासे हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए पिछले आरोपों की याद दिलाते हैं, जिससे समूह पर SEBI का नियामक दबाव बढ़ने की संभावना है। बाजार विश्लेषकों को उम्मीद है कि ये घटनाक्रम अदानी से जुड़े शेयरों और व्यापक भारतीय बाजार सूचकांकों पर महत्वपूर्ण गिरावट का दबाव डालेंगे।
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